Paheliyan
Thursday, 16 March 2017
हरी थी मन भरी थी..
हरी थी मन भरी थी नो लाख मोतियों से जड़ी थी राजा जी के खेत में दुप्पटा ओढ़े खड़ी थी
Answer: भुट्टा
Show Answer
Newer Post
Older Post
Home